हनुमान जी को माता सीता ने अशोक वाटिका में "अजर-अमर" रहने का वरदान दिया था, जब हनुमान जी ने लंका में उन्हें श्रीराम का संदेश पहुंचाया था। भगवान राम ने स्वयं यह वचन दिया कि जब तक पृथ्वी पर उनकी कथा सुनाई जाएगी, तब तक हनुमान जी जीवित रहेंगे। इसी कारण हनुमान जी को सात चिरंजीवियों में से एक माना जाता है और वे आज भी जहाँ राम नाम का जाप होता है, वहाँ उपस्थित रहते हैं। #हनुमानजी #चिरंजीवी #HanumanJi #हनुमानअमरक्यों #जयहनुमान #रामायण #जयश्रीराम #हिंदूधर्म #Hanuman #भक्ति