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शिवलिंग की पूजा क्यों? जब महादेव निराकार हैं तो इसका अर्थ क्या है?

शिवलिंग कोई मूर्ति नहीं, बल्कि निराकार ब्रह्म का प्रतीक है — संस्कृत में "लिंग" शब्द का अर्थ ही चिह्न या प्रतीक होता है। शिव पुराण के अनुसार, महादेव स्वयं एक अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे, जिस प्रकाश स्तंभ का न आदि था न अंत — शिवलिंग उसी का प्रतीकात्मक स्वरूप है। मानव मन बिना किसी आलंबन के निराकार को नहीं समझ सकता, इसलिए शिवलिंग साकार से निराकार की ओर ले जाने वाला ध्यान का केंद्र है। इस प्रकार शिवलिंग की पूजा वास्तव में निराकार शिव को ही नमन करना है। #शिव #महादेव #शिवलिंग #ज्योतिर्लिंग #शिवपुराण #हिंदूदर्शन #निराकारब्रह्म, #शिवतत्व, शिव महादेव शिवलिंग ज्योतिर्लिंग शिवपुराण हिंदूदर्शन निराकारब्रह्म शिवतत्व

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