शिव ने अपने भक्त काकभुशुण्डि को श्राप क्यों दिया? जानें असली कारण
काकभुशुण्डि एक महान शिवभक्त थे, किंतु अहंकार के कारण वे अपने गुरु और भगवान विष्णु की निंदा करने लगे थे, जिस कारण भगवान शिव ने उन्हें कौवा बनने का श्राप दिया। यह श्राप दंड नहीं बल्कि दिव्य अनुग्रह था — कौवे के रूप में काकभुशुण्डि को भगवान राम की लीलाएं निकट से देखने और गरुड़ जी को रामकथा सुनाने का अवसर मिला, जो उत्तरकांड का हिस्सा बनी। यह कथा इस सत्य को सिद्ध करती है कि भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं है और सच्चा गुरु कठोर माध्यम से भी शिष्य का उद्धार करता है। #शिव #पौराणिककथा #काकभुशुण्डि #शिवभक्त #
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