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शिव की तीसरी आँख, जिसे अज्ञा चक्र कहते हैं, केवल विनाश का प्रतीक नहीं बल्कि ज्ञान और आत्मदर्शन का द्वार है। शिव ने कामदेव को भस्म करके वासना रूपी अज्ञान को नष्ट किया था, न कि किसी व्यक्ति को। त्र्यंबक अर्थात तीन आँखों वाले शिव की तीनों आँखें क्रमशः भूत, वर्तमान और आत्मा के सत्य को देखती हैं। अज्ञा चक्र के जागृत होने पर माया का पर्दा हटता है और व्यक्ति को परम सत्य का बोध होता है। #शिवकीतीसरीआँख #अज्ञाचक्र #त्र्यंबक #शिवरहस्य #कामदेव #आत्मज्ञान #शिवतत्व #तीसरीआँख #हिंदू