कर्ण की मृत्यु का असली कारण — श्राप, दान या किस्मत? | Mahabharat
महाभारत में कर्ण की मृत्यु केवल अर्जुन के बाण से नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग श्रापों और उनके स्वयं के दिए गए वचनों के कारण हुई। परशुराम ने श्राप दिया कि युद्ध के सबसे कठिन क्षण में कर्ण अपनी ब्रह्मास्त्र विद्या भूल जाएंगे, एक ब्राह्मण ने श्राप दिया कि उनके रथ का पहिया धरती में धंस जाएगा, और इंद्र को कवच-कुंडल दान करने से वे जन्मजात सुरक्षा से वंचित हो गए। कुरुक्षेत्र के अंतिम दिन तीनों श्राप एक साथ सच हुए और निहत्थे, असहाय कर्ण पर अर्जुन ने वार किया। #महाभारत #कर्ण #MahabharatHindi #कर्णकीमृत्यु #
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