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उत्तिष्ठत जाग्रत! कठोपनिषद में यमराज का जागरण संदेश | भाग 10

कठोपनिषद में यमराज नचिकेता को "उत्तिष्ठत जाग्रत" का संदेश देते हैं, जिसका अर्थ है — अज्ञानता, आलस्य और भ्रम से उठो और जागो। यह वैदिक शिक्षा केवल शारीरिक जागरण की नहीं, बल्कि आत्मिक चेतना और विवेक जागृत करने की पुकार है। सच्चा ज्ञान प्राप्त करने के लिए श्रेष्ठ गुरुजनों की शरण, गहरी जिज्ञासा और मन की शांति आवश्यक है — यही नचिकेता की साधना का मूल सूत्र है। #कठोपनिषद #वेदांत #उत्तिष्ठतजाग्रत #यमराजऔरनचिकेता #आत्मज्ञान #हिंदीदर्शन #वैदिकशिक्षा #नचिकेता #अध्यात्म

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