बर्बरीक ने दिया अपना शीश — फिर मिला 'खाटू श्याम' का वरदान | Part 2
महाभारत युद्ध से पहले श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से गुरु-दक्षिणा के रूप में उनका शीश माँगा, जिसे बर्बरीक ने बिना संकोच दान कर दिया। बर्बरीक की अंतिम इच्छा थी कि वह पूरा महाभारत युद्ध अपनी आँखों से देखें, जिसे श्रीकृष्ण ने स्वीकार करते हुए उनका शीश एक ऊँचे स्थान पर स्थापित किया। युद्ध के बाद बर्बरीक ने बताया कि उन्होंने रणभूमि में केवल श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र घूमते देखा। प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया कि कलियुग में वे 'खाटू श्याम' के नाम से पूजे जाएंगे। #महाभारत #खाटूश्याम #बर्बरीक #खाटूश्यामबाबा #शीशदान #हिंदूपौराणिककथा #बर्बरीककथा #श्रीकृष्ण #KhatuShyam
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