कर्ण महाभारत के सर्वश्रेष्ठ योद्धाओं में से एक थे, जिन्हें परशुराम का श्राप था कि युद्ध के निर्णायक क्षण में वे अपनी विद्या भूल जाएंगे। इंद्र ने छल से उनका दिव्य कवच-कुंडल छीन लिया, जो उन्हें अजेय बनाता था। कुंती को दिए वचन के कारण कर्ण ने अर्जुन को छोड़कर किसी पांडव को न मारने का संकल्प लिया, जिसने उनकी रणनीति को सीमित कर दिया। कर्ण की पराजय उनकी कमज़ोरी का नहीं, बल्कि उनकी दानवीरता, निष्ठा और त्याग का परिणाम थी। #महाभारत #कर्ण #MahabharatHindi #कर्णकीहार #दानवीरकर्ण #परशुरामश्राप #कवचकुंडल #पौ