कर्ण और कुंती की वो गुप्त बातचीत जो युद्ध से पहले हुई थी
कुरुक्षेत्र युद्ध से पहले कुंती स्वयं कर्ण के पास गई थीं और उन्हें बताया कि वो उनका पहला पुत्र है। कुंती ने कर्ण से पांडवों का साथ देने की विनती की, लेकिन कर्ण ने दुर्योधन की मित्रता को प्राथमिकता देते हुए इनकार कर दिया। कर्ण ने कुंती को वचन दिया कि वो अर्जुन को छोड़कर किसी भी पांडव का वध नहीं करेंगे, जिससे पाँच पांडव हमेशा पाँच ही रहेंगे। यह प्रसंग महाभारत में कर्ण के त्याग, वचनबद्धता और उनके दुखद जीवन की सबसे मार्मिक घटनाओं में से एक माना जाता है। #महाभारत #कर्ण #Mahabharata #कर्णऔरकुंती #महाभारतकथा #कर्णकीकहानी #पांडव #KarnKuntiSamvad
##महाभारत ##कर्ण ##Mahabharata ##कर्णऔरकुंती ##महाभारतकथा ##कर्णकीकहानी ##पांडव ##KarnKuntiSamvad