यमराज ने बताया श्रेय और प्रेय का रहस्य | नचिकेता की कहानी Part 6
कठोपनिषद की इस कथा में यमराज ने नचिकेता को श्रेय और प्रेय का अंतर समझाया — श्रेय वह मार्ग है जो वास्तविक कल्याण देता है, जबकि प्रेय केवल क्षणिक सुख और इंद्रिय-तृप्ति प्रदान करता है। यमराज के अनुसार, जो व्यक्ति प्रेय को छोड़कर श्रेय को चुनता है, वही सच्चे अर्थों में बुद्धिमान और आत्म-विकास के पथ पर अग्रसर होता है। नचिकेता ने संसार के समस्त भोग-विलास को अस्वीकार कर आत्मज्ञान का चुनाव किया, जो इस शिक्षा का जीवंत उदाहरण है। #कठोपनिषद #नचिकेता #यमराज #श्रेयऔरप्रेय #आत्मज्ञान #हिंदूदर्शन #वेदांत #उपनिषद #जीवनकारहस्य #NachiketsStory
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