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आत्मा भीतर है फिर दिखती क्यों नहीं? | कठोपनिषद Part 9

कठोपनिषद के अनुसार, मनुष्य की इंद्रियाँ स्वभाव से बाहर की ओर दौड़ती हैं, इसलिए वह संसार को तो देखता है लेकिन अपने भीतर की आत्मा को नहीं पहचान पाता। यमराज ने नचिकेता को बताया कि आत्मा कोई दृश्य वस्तु नहीं है — उसे केवल शांत मन, विवेक और आंतरिक स्थिरता से जाना जा सकता है। कठोपनिषद स्पष्ट करता है कि आत्मा सबके भीतर छिपी है और सूक्ष्म दृष्टि वाले ही उसे पहचानते हैं। #आत्मा #अध्यात्म #कठोपनिषद #यमराज_नचिकेता #आत्मज्ञान #उपनिषद #हिंदूदर्शन #नचिकेता #आत्मदर्शन

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