रामायण के रहस्यमयी ऋषि काकभुशुण्डि — कौवे के रूप में अमर भक्त की कथा
काकभुशुण्डि रामायण के एक अमर ऋषि हैं जो भगवान शिव के श्राप के कारण कौवे का शरीर धारण करते हैं, लेकिन राम की कृपा से यही श्राप उनके लिए वरदान बन जाता है। इनका उल्लेख तुलसीदास की रामचरितमानस और अध्यात्म रामायण में मिलता है। काकभुशुण्डि इतने दीर्घजीवी हैं कि उन्होंने कई कल्पों में राम की लीलाएँ प्रत्यक्ष देखी हैं और माया में भ्रमित गरुड़ को रामकथा सुनाकर ज्ञान दिया था। उनकी कथा यह सिद्ध करती है कि सच्ची भक्ति किसी भी जन्म या शरीर की सीमा से परे होती है। #रामायण #हिंदूधर्म #काकभुशुण्डि #रामचरित
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