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एकलव्य को द्रोणाचार्य ने शिष्य क्यों नहीं बनाया? | महाभारत की अनसुनी कहानी

महाभारत में एकलव्य एक निषाद राजकुमार था जिसे द्रोणाचार्य ने इसलिए शिष्य बनाने से मना कर दिया क्योंकि वे अर्जुन को सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर बनाने का वचन दे चुके थे। एकलव्य ने जंगल में द्रोणाचार्य की मिट्टी की प्रतिमा को गुरु मानकर स्वयं धनुर्विद्या का अभ्यास किया और अद्भुत कौशल प्राप्त किया। जब द्रोणाचार्य ने एकलव्य की प्रतिभा देखी तो उन्होंने उससे गुरु-दक्षिणा माँगी, जिसे एकलव्य ने बिना संकोच स्वीकार किया। #महाभारत #पौराणिककथा #एकलव्य #द्रोणाचार्य #गुरुदक्षिणा #हिंदूमythology #भारतीयइतिहास #एकलव्यकीकहानी

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