अंगूठा देने के बाद एकलव्य का क्या हुआ? — पूरी सच्ची कहानी
एकलव्य ने गुरु दक्षिणा में अंगूठा काटकर द्रोणाचार्य को देने के बाद बाकी चार उंगलियों से तीरंदाजी सीखी और एक कुशल निषाद सेनापति बने। महाभारत के अनुसार एकलव्य निषाद राज हिरण्यधनु के पुत्र थे, जिन्होंने जरासंध की सेना की ओर से मथुरा पर आक्रमण किया था। उस युद्ध में स्वयं श्रीकृष्ण ने एकलव्य का वध किया, और उनके पुत्र केतुमान ने कुरुक्षेत्र युद्ध में पांडवों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। #महाभारत #mythology #एकलव्य #निषाद #द्रोणाचार्य #गुरुदक्षिणा #krishna #एकलव्यकीकहानी
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